M.M.Mammen
हौसला हो तो इंसान कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है | कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एमआरएफ कंपनी के मालिक M.Mammen ने। एक समय था जब M.Mammen बैलून बेचने का काम करते थे लेकिन हिम्मत और हौसले के दम पर उन्होंने आज MRF टायर की कंपनी खड़ी कर दी जिसकी मार्केट वैल्यू 22000 करोड हो चुकी है।
हौसला हो तो इंसान कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है | कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एमआरएफ कंपनी के मालिक M.Mammen ने। एक समय था जब M.Mammen बैलून बेचने का काम करते थे लेकिन हिम्मत और हौसले के दम पर उन्होंने आज MRF टायर की कंपनी खड़ी कर दी जिसकी मार्केट वैल्यू 22000 करोड हो चुकी है।
ऐसे आया टायर कंपनी बनाने का आईडिया
MRF टायर, टायर इंडस्ट्री में जाना पहचाना बड़ा नाम है। इसके संस्थापक M.Mammen आजादी से पहले केरल की सड़कों पर अपने बैग में बैलून रखकर बेचा करते थे। M.Mammen के पिता ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था जिसके कारण वह जेल भी गए थे। पिता के जेल में जाने के दौरान M.Mammen बैलून बेचकर अपना परिवार चलाया करते थे और साथ में पढ़ाई भी किया करते थे।
ऐसे बनाई टायर कंपनी
M.Mammen ने ग्रेजुएशन भी टायर मैन्युफैक्चरिंग में ही की और करीबन 6 साल तक बैलून का कारोबार करने के बाद 1946 में ट्रैड रबड़ बनाना शुरू किया। केवल 24 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने बिजनेस की शुरुआत कर दी थी
खिलौने से अपने बिजनेस को टायर में शिफ्ट करना
M.Mammen ने 1960 ईस्वी में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई । उनको रबड़ और टायरों के बारे में अच्छी जानकारी थी । कंपनी बनाने के बाद उन्होंने अमेरिका की मेंसफील्ड टायर एंड रबर कंपनी के साथ टाइप किया। इसके साथ ही 1973 में कंपनी ने देश में पहली बार नायलॉन का टायर लांच किया।
काफी मुश्किलों के बावजूद मेमन ने अपनी कंपनी को एक अच्छे मुकाम तक पहुंचाया साल 2003 में 80 साल की उम्र में M.Mammen का निधन हो गया लेकिन तब तक एमआरएफ कंपनी टायर इंडस्ट्री में काफी आगे बढ़ चुकी थी।
1 Comments
nice..
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